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English

दादी और पोते के बीच संवाद लेखन

Hindi

ग्रैंड और पोते के बीच संवाद लेखन

Last Update: 2021-01-29
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English

पेड़ और लकड़हारा के बीच एक बातचीत

Hindi

पेड और लकड़हारा के बीच एक बातचीत

Last Update: 2020-06-11
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Reference: Anonymous

English

पेड़ और लकड़हारा के बीच संवाद लेखन

Hindi

पेड़ और लकड़हारा के बीच संवाद लेखन

Last Update: 2020-10-31
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English

छंटाई और अनुक्रमण के बीच अंतर लिखना

Hindi

hindi

Last Update: 2019-01-11
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English

शिक्षक और माता-पिता के बीच सम्वाद

Hindi

samvad between teacher and parent

Last Update: 2017-10-30
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English

छंटाई और अनुक्रमण के बीच अंतर लिखना

Hindi

छंटाई और के बीच अंतर अंतरना

Last Update: 2019-01-10
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English

माँ और बेटी के बीच होने वाला समवेद लेखन घर देर से आता है

Hindi

samvad lekhan between mother and daughter come home late

Last Update: 2020-01-12
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English

१४:३० स्थानीय, १९:०० ist: हमारे पास एक अपडेट है, और हमेशा की तरह, हम आपके लिए ग्लम न्यूज लेकर आए हैं। बारिश तेज हो गई है और यह बहुत उदास लग रहा है, लेकिन अंपायर अभी प्लग नहीं खींचेंगे। वे इंतजार करेंगे। आखिरकार, आज और पहले दिन के बीच एक बड़ा अंतर आउटफील्ड में पानी के बड़े पोखरों की अनुपस्थिति है। यह पहले दिन एक झील थी।

Hindi

कोई कितना भी स्टाइलिश 😎 होने का दिखावा करे. . . मगर घर पे जब अाम की गुठली को चूस रहा होता है तो किसी जंगल के अदिवासी से कम नहीं लगता। 😂😂😂

Last Update: 2021-06-21
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English

पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति हमारे पड़ोसी होते हैं । पड़ोस के लोग एक-दूसरे के सहायक होते हैं । खुशी का अवसर हो चाहे दुख का, पड़ोसी जितने काम आतेहैं उतने दूर रहने वाले सगे-संबंधी नहीं । हमें पड़ोसियों के साथ मधुर व्यवहार करना चाहिए ।आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसियों को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए । मेरे घर के सामने शर्मा जी का परिवार रहता है । शर्मा जी किसी प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं । शर्मा जी का पूरा परिवार धार्मिक प्रवृत्ति का है । शर्मा जी एवं उनकी पत्नी रोज मंदिर जाते हैं । प्रत्येक मंगलवार को उनके यहाँ भजन-कीर्तन होता है ।शर्मा जी का लड़का मेरे साथ पड़ता है । हम दोनों अच्छे मित्र हैं । मैं शर्मा जी के पास ट्‌यूशन पढ़ने जाता हूँ । शर्मा जी मुझे बहुत प्यार से पढ़ाते हैं । उनका हँसमुख स्वभाव पूरे महल्ले में प्रसिद्ध है । वे सभी के साथ बड़ी मीठी बोली में बातें करते हैं । मेरे तथा उनके परिवार के बीच खान-पान और मित्रता का नाता है ।

Hindi

पड़ोसी

Last Update: 2018-06-21
Usage Frequency: 2
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English

प्पू बड़ी डिंग हाकते हुए अपने मित्र हड़कू से बोलता है पप्पू- मैं तो मैं हूँ, हड़कू, ज़माने में मुझ सा कौन, सब थर-थर कांपते हैं, और मैं हूँ यहाँ का डॉन, पूरे गांव का बच्चा बच्चा जनता है मुझको, हर बड़ा से लेकर बूढ़ा, पहचानता है मुझको || हड़कू- अरे पप्पू बात तो तेरी, बिलकुल राइट है, और तेरी इम्प्रैशन वाकई यहाँ पर टाइट है, हमने सुन रखा है, की तू कभी भागा नहीं है, और दुपहर के पहले तू कभी जागा नहीं है || पप्पू- भाई रजवाड़े हैं हम, ये सब जानते हैं, हमें टाइम पर जागने की जरूरत कहाँ, हर चीज़ मिल जाती है, चुटकियों में हमें, हमें उठकर भागने की जरूरत कहाँ || थोड़ी देर में पप्पू उठकर भागने लगता है, हड़कू- क्या हुआ, क्यों भागते हो नवाब, सदियों की परम्परा को, क्यों तोड़ते हो आज, पप्पू- नवाब तो मैं हूँ ही, कोई शक नहीं है, पर रुकने की जरूरत, मुझे अब नहीं है || हड़कू- अरे भाई बताओ तो जरा, क्या मुसीबत आन पड़ी है, क्यों उठकर भाग रहे हो, लगता है जान पर पड़ी है || पप्पू- जान से भी बढ़कर है हड़कू, कहीं निकल ना जाये, मैं मिलता हूँ बाद में, पर अभी कोई बगल में ना आये || हड़कू सोचता है, इसको अचानक से क्या हुआ, क्यों भला पप्पू पागलों की तरह से भाग रहा है, हड़कू- कोई गिला और शिकवा हो तो जता मुझे, पर तू क्यों भाग रहा है मेरे दोस्त, ये बता मुझे || पप्पू- बता दू तुझको सब, अभी उतना टाइम नहीं है, अभी इमरजेंसी है, लौंडे फ्री वाला टाइम नहीं है || हड़कू- इमरजेंसी…! क्या इमरजेंसी है, अचनाक, पप्पू- अबे दिमाग से पैदल, बैठे बैठे क्या इमरजेंसी आती है, हड़कू सोचते हुए, बैठे बैठे……! पप्पू- इसीलिए तुम जैसे लोग कभी आगे नहीं बढ़ते, और जो बढ़ते हैं, उन्हें बढ़ने नहीं देते || हड़कू सर खुजाते हुए, पप्पू मुझे समझ नहीं आया, क्या तू थोड़ा विस्तार से समझायेगा, तेरे भागने का सबब, थोड़ा रूककर बतलायेगा || पप्पू- फिर रुकने का नाम लिया, खजूर, कहा ना इमरजेंसी है, और जाना है बहुत दूर || हड़कू- दूर… इमरजेंसी है, और जाना है बहुत दूर – कहाँ जाना है ! पप्पू- अबे जीवन के आखिरी दिन, फूटी हुई, बेसुरी बीन, फड़फड़ाते हुए, दीए के चिराग, मैं मिलता हूँ, अभी यहाँ से भाग || हड़कू- बड़ा ही अजीब है, पप्पू, मैं तेरी मदद करना चाहता हूँ, और तू है की मुझे बता नहीं रहा है, की क्या इमरजेंसी आयी है || पप्पू- मदद, यानि हेल्प करेगा मेरी, मैं, बाय सेल्फ कर लूंगा, तू गली पकड़ बाजु की, मैं फिर बाजूं में ही मिलता हूँ || हड़कू- तो तू नहीं बताएगा, नहीं बताएगा, मैं देखता हूँ, तू अकेले कैसे जायेगा || पप्पू- अब लो, तरीताजी गोभी के फूल, बगीचे में जाकर, झूला झूल, मुझे टट्टी आयी है, मैं फ़्रस्टेटेड हूँ अभी, फिर मिलता हूँ तुझसे, होकर थोड़ा कूल || हड़कू- अरे पप्पू, तो ऐसा बोलो ना, की शौच आयी है, इसमें इतना गुस्सा क्यों होते हो, अपने प्रेशर को, दूसरों पर क्यों बोते हो || और इसमें बड़े दूर जाने की जरूरत कहाँ, पर तुम्हारा शौचालय नजर नहीं आ रहा, बना है कहाँ || पप्पू- घर में भी भला कोई शौच जाता है, पता नहीं लोगो को कैसे प्रेशर आता है || हड़कू- तो कहाँ, अपनी इस इमरजेंसी विमान को लैंड करोगे, अपने पेट में उबलते हुए जादुई, प्रेशर को सेंड करोगे || पप्पू- खेतों में! खुले आसमान के नीचे, बहती हुई हवा के बीच, झाड़ियों के पीछे, हड़कू- और जन स्वतच्छ्ता अभियान का क्या, अपनी नहीं, तो औरों की जान का क्या || पप्पू- मैं कहाँ घर के बगल में बैठ जाऊंगा, अरे लोटा उठाकर बहुत दूर तक जाऊंगा || हड़कू- ऐसी गलती मत करना, पछताना पड़ेगा, पैसे भरकर, पप्पू भाई जेल भी जाना पड़ेगा || पप्पू- हम शेर हैं, हमें कौन नहीं जनता पांच कोस में, खून नहीं, तेजाब दौड़ता हैं हमारी नसों में और जोश में || पप्पू नहीं माना, और भागने लगा खेतों की ओर, और हड़कू समझाते समझाते हार कर वही रुका रहा || पप्पू हड़कू को कोसते हुए खेतों की ओर जाता है, क्या होगा दुनिया का, अब लोटा लेकर घर मैं ही बैठ जाते हैं, शौचालय के नाम पर, घर को ही अब शौच बनाते हैं || छोडो हम को क्या करना है, शौच से ही मतलब है, झाड़ियों में शौच करना, ये भी एक करतब है || पप्पू इन्ही लाइनों को गुनगुनाते हुए, झाड़ियों के बीच बैठ जाता है || तभी स्वच्छ्ता स्काउड की टीम अपने हेड (दददन) से साथ वहां पहुंच जाती हैं|| दददन- हम दददन हैं, स्वच्छ्ता स्काउड की ओर से, वहां कौन बैठा है झाड़ियों में, खुली सड़क की ओर से, पप्पू डरकर सहम जाता है, और बकरी की आवाज में दददन को भ्रमित करने की कोशिश करता हैं| दददन- भाई बकरियों ने कब से, लोटा लाना शुरू किया, इतना माना करने के बाद भी, तुमने खुले में ही शौच किया || पप्पू, घबरा के खड़े होते हुए, सरकार, माई-बाप आप को कोई गलतफहमी हुई है, हम तो घूमने आये थे, तबियत थोड़ी सहमी हुई है || दददन- तबियत तुम्हारी सहमी हुई है, अच्छा, हम को कोई गलतफहमी हुई है, अच्छा || दददन स्काउड सदस्यों से, पकड़ लो साले को लेकर चलो ठाणे में, दददन- तुम्हारे जैसे लोगो ने देश की ऐसी तैसी की है, क्या स्वच्छ होगा देश, जब तुमने पी रक्खी है, पप्पू- सरकार, गलती हो गयी, माफ़ी दे दो मुझको, ी ऍम रियली वैरी सॉरी, माफ़ी दो मुझको, आइंदा से मैं खेतो में, कभी ना जाऊंगा, इमरजेंसी को शौचालय में ही निपटाऊंगा || हड़कू ने देख लिया, और पप्पू के घर पर बताया, वहां से, उसकी धर्म पत्नी, बच्चा और पिताजी आये,, धनिया बोलती है दददन से, छोड़ दो साहेब, ये अंतिम बार है, मेरे छोटे से घर का, पप्पू ही आधार है, गरीब हैं मालिक, थोड़ी दया करो हम पर, छोड़ दो इस बार, इंसानियत के नाम पर || सुखीराम बोलता है दददन से, बड़ी भूल हुई साहेब, हाथ जोड़ता हूँ मैं, पप्पू ने जो किया, मैं शर्मिंदा हूँ उस पर, बूढ़े का थोड़ा लिहाज करें, जाने दे घर पर || दददन- देख लेरे पप्पू, इस बार छोड़ता हूँ, कुछ शर्म कर, थोड़ी, हर बार छोड़ता हूँ, पप्पू- दिल से शुक्रिया है साहेब, मेरी आँखे खोलने के लिए, मेरी दबी हुई सोच को, शौचालय से जोड़ने के लिए || हड़कू- चलो देर से ही सही, सोच तो बदली,

Hindi

प्पू बड़ी डिंग हाकते हुए अपने मित्र हड़कू से बोलता है पप्पू- मैं तो मैं हूँ, हड़कू, ज़माने में मुझ सा कौन, सब थर-थर कांपते हैं, और मैं हूँ यहाँ का डॉन, पूरे गांव का बच्चा बच्चा जनता है मुझको, हर बड़ा से लेकर बूढ़ा, पहचानता है मुझको || हड़कू- अरे पप्पू बात तो तेरी, बिलकुल राइट है, और तेरी इम्प्रैशन वाकई यहाँ पर टाइट है, हमने सुन रखा है, की तू कभी भागा नहीं है, और दुपहर के पहले तू कभी जागा नहीं है || पप्पू- भाई रजवाड़े हैं हम, ये सब जानते हैं, हमें टाइम पर जागने की जरूरत कहाँ, हर चीज़ मिल जाती है, चुटकियों में हमें, हमें उठकर भागने की जरूरत कहाँ || थोड़ी देर में पप्पू उठकर भागने लगता है, हड़कू- क्या हुआ, क्यों भागते हो नवाब, सदियों की परम्परा को, क्यों तोड़ते हो आज, पप्पू- नवाब तो मैं हूँ ही, कोई शक नहीं है, पर रुकने की जरूरत, मुझे अब नहीं है || हड़कू- अरे भाई बताओ तो जरा, क्या मुसीबत आन पड़ी है, क्यों उठकर भाग रहे हो, लगता है जान पर पड़ी है || पप्पू- जान से भी बढ़कर है हड़कू, कहीं निकल ना जाये, मैं मिलता हूँ बाद में, पर अभी कोई बगल में ना आये || हड़कू सोचता है, इसको अचानक से क्या हुआ, क्यों भला पप्पू पागलों की तरह से भाग रहा है, हड़कू- कोई गिला और शिकवा हो तो जता मुझे, पर तू क्यों भाग रहा है मेरे दोस्त, ये बता मुझे || पप्पू- बता दू तुझको सब, अभी उतना टाइम नहीं है, अभी इमरजेंसी है, लौंडे फ्री वाला टाइम नहीं है || हड़कू- इमरजेंसी…! क्या इमरजेंसी है, अचनाक, पप्पू- अबे दिमाग से पैदल, बैठे बैठे क्या इमरजेंसी आती है, हड़कू सोचते हुए, बैठे बैठे……! पप्पू- इसीलिए तुम जैसे लोग कभी आगे नहीं बढ़ते, और जो बढ़ते हैं, उन्हें बढ़ने नहीं देते || हड़कू सर खुजाते हुए, पप्पू मुझे समझ नहीं आया, क्या तू थोड़ा विस्तार से समझायेगा, तेरे भागने का सबब, थोड़ा रूककर बतलायेगा || पप्पू- फिर रुकने का नाम लिया, खजूर, कहा ना इमरजेंसी है, और जाना है बहुत दूर || हड़कू- दूर… इमरजेंसी है, और जाना है बहुत दूर – कहाँ जाना है ! पप्पू- अबे जीवन के आखिरी दिन, फूटी हुई, बेसुरी बीन, फड़फड़ाते हुए, दीए के चिराग, मैं मिलता हूँ, अभी यहाँ से भाग || हड़कू- बड़ा ही अजीब है, पप्पू, मैं तेरी मदद करना चाहता हूँ, और तू है की मुझे बता नहीं रहा है, की क्या इमरजेंसी आयी है || पप्पू- मदद, यानि हेल्प करेगा मेरी, मैं, बाय सेल्फ कर लूंगा, तू गली पकड़ बाजु की, मैं फिर बाजूं में ही मिलता हूँ || हड़कू- तो तू नहीं बताएगा, नहीं बताएगा, मैं देखता हूँ, तू अकेले कैसे जायेगा || पप्पू- अब लो, तरीताजी गोभी के फूल, बगीचे में जाकर, झूला झूल, मुझे टट्टी आयी है, मैं फ़्रस्टेटेड हूँ अभी, फिर मिलता हूँ तुझसे, होकर थोड़ा कूल || हड़कू- अरे पप्पू, तो ऐसा बोलो ना, की शौच आयी है, इसमें इतना गुस्सा क्यों होते हो, अपने प्रेशर को, दूसरों पर क्यों बोते हो || और इसमें बड़े दूर जाने की जरूरत कहाँ, पर तुम्हारा शौचालय नजर नहीं आ रहा, बना है कहाँ || पप्पू- घर में भी भला कोई शौच जाता है, पता नहीं लोगो को कैसे प्रेशर आता है || हड़कू- तो कहाँ, अपनी इस इमरजेंसी विमान को लैंड करोगे, अपने पेट में उबलते हुए जादुई, प्रेशर को सेंड करोगे || पप्पू- खेतों में! खुले आसमान के नीचे, बहती हुई हवा के बीच, झाड़ियों के पीछे, हड़कू- और जन स्वतच्छ्ता अभियान का क्या, अपनी नहीं, तो औरों की जान का क्या || पप्पू- मैं कहाँ घर के बगल में बैठ जाऊंगा, अरे लोटा उठाकर बहुत दूर तक जाऊंगा || हड़कू- ऐसी गलती मत करना, पछताना पड़ेगा, पैसे भरकर, पप्पू भाई जेल भी जाना पड़ेगा || पप्पू- हम शेर हैं, हमें कौन नहीं जनता पांच कोस में, खून नहीं, तेजाब दौड़ता हैं हमारी नसों में और जोश में || पप्पू नहीं माना, और भागने लगा खेतों की ओर, और हड़कू समझाते समझाते हार कर वही रुका रहा || पप्पू हड़कू को कोसते हुए खेतों की ओर जाता है, क्या होगा दुनिया का, अब लोटा लेकर घर मैं ही बैठ जाते हैं, शौचालय के नाम पर, घर को ही अब शौच बनाते हैं || छोडो हम को क्या करना है, शौच से ही मतलब है, झाड़ियों में शौच करना, ये भी एक करतब है || पप्पू इन्ही लाइनों को गुनगुनाते हुए, झाड़ियों के बीच बैठ जाता है || तभी स्वच्छ्ता स्काउड की टीम अपने हेड (दददन) से साथ वहां पहुंच जाती हैं|| दददन- हम दददन हैं, स्वच्छ्ता स्काउड की ओर से, वहां कौन बैठा है झाड़ियों में, खुली सड़क की ओर से, पप्पू डरकर सहम जाता है, और बकरी की आवाज में दददन को भ्रमित करने की कोशिश करता हैं| दददन- भाई बकरियों ने कब से, लोटा लाना शुरू किया, इतना माना करने के बाद भी, तुमने खुले में ही शौच किया || पप्पू, घबरा के खड़े होते हुए, सरकार, माई-बाप आप को कोई गलतफहमी हुई है, हम तो घूमने आये थे, तबियत थोड़ी सहमी हुई है || दददन- तबियत तुम्हारी सहमी हुई है, अच्छा, हम को कोई गलतफहमी हुई है, अच्छा || दददन स्काउड सदस्यों से, पकड़ लो साले को लेकर चलो ठाणे में, दददन- तुम्हारे जैसे लोगो ने देश की ऐसी तैसी की है, क्या स्वच्छ होगा देश, जब तुमने पी रक्खी है, पप्पू- सरकार, गलती हो गयी, माफ़ी दे दो मुझको, ी ऍम रियली वैरी सॉरी, माफ़ी दो मुझको, आइंदा से मैं खेतो में, कभी ना जाऊंगा, इमरजेंसी को शौचालय में ही निपटाऊंगा || हड़कू ने देख लिया, और पप्पू के घर पर बताया, वहां से, उसकी धर्म पत्नी, बच्चा और पिताजी आये,, धनिया बोलती है दददन से, छोड़ दो साहेब, ये अंतिम बार है, मेरे छोटे से घर का, पप्पू ही आधार है, गरीब हैं मालिक, थोड़ी दया करो हम पर, छोड़ दो इस बार, इंसानियत के नाम पर || सुखीराम बोलता है दददन से, बड़ी भूल हुई साहेब, हाथ जोड़ता हूँ मैं, पप्पू ने जो किया, मैं शर्मिंदा हूँ उस पर, बूढ़े का थोड़ा लिहाज करें, जाने दे घर पर || दददन- देख लेरे पप्पू, इस बार छोड़ता हूँ, कुछ शर्म कर, थोड़ी, हर बार छोड़ता हूँ, पप्पू- दिल से शुक्रिया है साहेब, मेरी आँखे खोलने के लिए, मेरी दबी हुई सोच को, शौचालय से जोड़ने के लिए || हड़कू- चलो देर से ही सही, सोच तो बदली,

Last Update: 2020-12-09
Usage Frequency: 2
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English

एके बार की बात है खाने के लिए एक सेब गुलगुला चाहते थे , जो एक बूढ़ी औरत आई थी. वह आटा और मक्खन के बहुत सारे , एक दर्जन पकौड़ी के लिए चीनी और मसाले के बहुत खूब , लेकिन वह नहीं था एक बात थी की काफी था , और कहा कि सेब था . sachi , उम्र 7gary , 8 साल की उम्र वह प्लम , उनमें से भरा एक पेड़ था , roundest और reddest आप कल्पना कर सकते हैं कि , लेकिन , आप क्रीम और अंगूर की किशमिश से मक्खन बना सकते हैं , हालांकि , आप प्लम के साथ एक सेब गुलगुला बनाने , और नहीं कर सकते कोशिश कर कोई फायदा नहीं है .                 अधिक की बूढ़ी औरत सोचा वह यह चाहता था , और अंत में वह अपने बेहतरीन कपड़ों में खुद को तैयार हो गया और सेब की एक टोकरी की तलाश में बाहर शुरू अधिक गुलगुला .                 " सेब है जो दुनिया में उन लोगों को हो सकता है : वह घर छोड़ दिया इससे पहले , हालांकि, वह वह खुद से कहा, उसके हाथ पर रख दिया , उसकी बेर के पेड़ और एक सफेद कपड़े से अधिक कवर से प्लम के साथ एक टोकरी भरा , और प्लम की जरूरत है. "                 वह ठीक मुर्गियाँ और कुछ कलहंस और गिन्नी से भरा एक पोल्ट्री यार्ड के लिए आया था , जब वह बहुत दूर तक नहीं गया था . सीए सीए , quawk , quawk , poterack ! क्या एक शोर वे बनाया , और उन के बीच में पीला मक्का के साथ उन्हें खिला रही थी एक जवान औरत जो खड़ा था . वह बूढ़ी औरत को सुख से सिर हिलाया , और बूढ़ी औरत उसके सिर हिलाया , और वे हमेशा एक दूसरे को जाना जाता था के रूप में अगर जल्द ही दो बात कर रहे थे .                 युवा महिला को उसके पक्षियों के बारे में बूढ़ी औरत बताया और बूढ़ी औरत एप्पल गुलगुला और वह सेब पाने के लिए आशा व्यक्त की , जिसके लिए प्लम की टोकरी के बारे में युवा महिला बताया .                 " मुझे प्रिय , " वह यह सुनकर जवान औरत कुछ भी नहीं है कि सबसे अच्छा है के लिए , मेरे पति हंस के साथ बेर जेली से बेहतर पसंद है, लेकिन आप अपने प्लम के लिए पंख के एक बैग ले जाएगा जब तक कि वह बिना करना चाहिए है , " कहा मैं आप की पेशकश कर सकते हैं . " एंड्रयू , 8 साल की उम्र "एक कृपा दो निराश तुलना में बेहतर है , " बूढ़ी औरत ने कहा . मैं कोई नजदीक मैं घर छोड़ दिया है जब से गुलगुला हूँ , "अगर मैं कम से कम हूँ : वह खुद के लिए कहा के लिए , और वह युवा महिला के एप्रन में प्लम खाली कर दिया और उसे टोकरी में पंख के बैग डाल के रूप में पहले के रूप में ख़ुशी पर trudged कोई आगे इसे से , और कहा कि पंख प्लम कोई भी इनकार नहीं कर सकता से ले जाने के लिए हल्का कर रहे हैं " . डेरेक , उम्र 7 पैदल चलना , ऊपर पहाड़ी और नीचे वह चला गया , पैदल चलना , और वर्तमान में वह मिठाई फूलों का एक बगीचा के पास पहुंचा , violets , गुलाब लाइलक्स लिली - ओह , वहाँ एक प्यारी बगीचा था कभी नहीं .                 बूढ़ी औरत फूलों की प्रशंसा करने के लिए गेट पर रोका , और वह देखा के रूप में वह एक आदमी और एक औरत झगड़ा सुना .                 "कपास , " महिला ने कहा .                 " स्ट्रॉ , " आदमी ने कहा .                 " 'तीस नहीं - "                 " 'तीस ! " वे रोया , और वे गेट पर बूढ़ी औरत जासूसी तक तो यह , उन दोनों के बीच चला गया .                 "यहाँ बात तय होगा जो एक है , " औरत फिर कहा , और वह बूढ़ी औरत के लिए कहा जाता है : " अच्छी माँ , यह मुझे जवाब : आप अपने दादा की कुर्सी के लिए एक तकिया बना रहे थे , तो आप कपास के साथ यह सामान नहीं होता ? " गैरी , उम्र 9 "नहीं, " बूढ़ी औरत ने कहा .                 " मैं आपको इतना कहा था , " आदमी रोया . " स्ट्रॉ बात है , और तु आगे इसके लिए खलिहान से जाने की जरूरत है ," लेकिन बूढ़ी औरत उसके हाथ हिलाकर रख दिया.                 " मैं या तो भूसे के साथ तकिया सामान नहीं होगा , " उसने कहा , और यह एक था जो कहना मुश्किल हो गया होता उसे और अधिक जवाब , आदमी या औरत से नीचे डाली . लेकिन बूढ़ी औरत उसे टोकरी से बाहर पंख के बैग ले , और उन्हें इसे देने के लिए जल्दबाजी की .                 "एक पंख तकिया एक राजा के लिए फिट है , " उसने कहा , " और मेरे लिए, अपने बगीचे से एक गुलगुला के लिए एक सेब या एक गुलदस्ता मैं क्या दे और साथ ही मुझे सेवा करेंगे . "                 ओह - लिली , लाइलक्स , गुलाब , आदमी और औरत कोई सेब की थी , लेकिन वे प्यारी फूलों के अपने बगीचे से एक गुलदस्ता का आदान प्रदान करने के लिए खुश थे! एक मीठा गुलदस्ता वहां कभी नहीं गया था .                 "एक अच्छा सौदा है, और यह सब नहीं की टोकरी में , " बूढ़ी औरत वह झगड़ा बंद कर दिया है करने के लिए खुश था , कहा , और वह दो अच्छी किस्मत और एक लंबे जीवन की कामना की थी , जब वह अपने रास्ते पर चला गया .                 अब उसे जिस तरह से राजा के राजमार्ग था , और वह वहाँ से चला गया के रूप में वह वह उसकी प्रेमिका को देखने के लिए जा रहा था के लिए , अपने बेहतरीन कपड़ों में तैयार हो गया था , जो एक युवा प्रभु से मुलाकात की. कभी सूरज यह उसके माथे एक भयानक तेवर में झुर्रियों , और वह एक दोस्त पूरी दुनिया में नहीं छोड़ा था मानो उसके मुंह के कोनों नीचे खींचा गया था कि नहीं किया गया था पर चमकने के रूप में वह सुंदर एक युवक के रूप में हो गया होता .                 "एक निष्पक्ष दिन और एक अच्छी सड़क , " बूढ़ी औरत उसे एक curtsey ड्रॉप करने के लिए रोक नहीं कहा .                 " उचित है या मेरे लिए सब एक ही आज़ादी बेईमानी , अच्छा या बुरा , ' , " उन्होंने कहा, " अदालत ने जौहरी उन्होंने वादा अंगूठी भेजने के लिए भूल गया है , और मैं खाली हाथों से मेरी महिला के पास जाना चाहिए जब . ने कहा,"                 " आप अपने महिला के लिए एक उपहार होगा तो, " बूढ़ी औरत " मैं एक सेब गुलगुला कभी नहीं हो सकता है. " ने कहा, और वह उसे टोकरी से गुलदस्ता ले लिया और उसे तेवर दूर उसके माथे से smoothed , और उसके मुंह में एक मुस्कान में ही फैल कि इतना प्रसन्न जो युवा प्रभु को दे दिया , और वह के रूप में कभी सूरज एक युवक के रूप में सुंदर था पर चमकने .                 " निष्पक्ष विनिमय कोई डकैती है , " उन्होंने कहा , और वह उसकी गर्दन दौर से एक सुनहरा श्रृंखला unfastened और बूढ़ी औरत को दे दिया , और बड़ी सावधानी से अपने गुलदस्ता पकड़े चली गई.                 बूढ़ी औरत बहुत खुश था.                 "यह सुनहरा श्रृंखला के साथ मैं राजा के बाजार में सभी सेब खरीदने के लिए, और फिर क्षमा करने के लिए कुछ हो सकता है , " उसने कहा कि वह उपवास के रूप में उसके पैरों उसे ले सकता है के रूप में शहर की ओर दूर जल्दबाजी के रूप में , खुद के लिए कहा .                 वह जिनके चेहरे थे उसके खुद के रूप में के रूप में उदास खुश था एक द्वार में खड़ा है, एक मां और बच्चों पर आया था लेकिन जब वह कोई आगे सड़क के मोड़ से चला गया था .                 " क्या बात है ? " वह जैसे ही वह उनके पास पहुंचा ही पूछा .                 " रोटी के अंतिम परत अधिक खरीद करने के लिए घर में एक अत्यल्प धन खाया और नहीं है. " "कोई बात काफी , " , माँ के जवाब दिए हन्ना , उम्र 7 "ठीक एक दिन , " यह उसे कहा गया था कि जब बूढ़ी औरत रोया . "यह मेरे पड़ोसियों की रोटी की कमी है , जबकि मैं खाने के लिए सेब गुलगुला खाने कि मुझे के बारे में कहा जा कभी नहीं होगा " और वह मां के हाथों में गोल्डन चेन डाल दिया और धन्यवाद का इंतजार किए बिना पर जल्दबाजी.                 मां और बच्चे , हँस और ख़ुशी से बात कर उनमें से हर एक , उसे पीछे छोड़ दिया , जब वह , हालांकि , घर की नज़रों से दूर नहीं था .                 "लिटिल हम तुम्हें देने के लिए है , " सभी का सबसे खुशी का था जो माँ तुम यहाँ हमारे लिए क्या किया है, लेकिन उस के लिए जिसका भौंकने अपने घर से अकेलेपन रखेंगे एक छोटा कुत्ता है , और हमारे धन्यवाद इसके साथ चला जाता है , " कहा . "                 बूढ़ी औरत कोई उन्हें बताने के लिए दिल है , तो टोकरी में छोटा कुत्ता चला गया , और बहुत आराम से वह वहाँ नहीं करना था .                 " प्लम की एक टोकरी के लिए पंख का एक बैग , पंख के एक बैग के लिए फूलों का एक गुलदस्ता , फूलों का एक गुलदस्ता के लिए एक सुनहरा चेन , एक सोने की चेन के लिए एक कुत्ता , सारी दुनिया दे और ले जाता है , और कौन जानता है , लेकिन है कि मैं अभी तक मेरे एप्पल गुलगुला हो सकता है , " वह पर जल्दबाजी के रूप में बूढ़ी औरत ने कहा .                 उसके बेर के पेड़ प्लम से भरा था के रूप में सही उसके पहले , वह सेब से भरा रूप में एक सेब के पेड़ को देखा, और यकीन है कि पर्याप्त है कि वह एक आधा दर्जन गज की दूरी पर नहीं गया था . यह दोनों एक ही फली में मटर थे जितना उसे खुद की तरह एक घर के सामने हुआ, और घर के बरामदे पर एक छोटे से पुराने आदमी बैठे थे . sachi , उम्र 7 " सेब का एक अच्छा पेड़ , " जैसे ही वह उसके बारे में बोलने की दूरी में था के रूप में बूढ़ी औरत बुलाया .                 " एक आदमी पुराने बढ़ रहा है जब ऐ , लेकिन सेब के पेड़ों और सेब गरीब कंपनी रहे हैं , " बूढ़े आदमी ने कहा, " और मैं अपने दरवाजे कदम पर छाल करने के लिए एक छोटे कुत्ते के रूप में भी बहुत कुछ किया था , तो मैं उन सभी को देना होगा . "                 बूढ़ी औरत की टोकरी में कुत्ता कहा जाता है , " वाह धनुष " , और यह वह बूढ़े आदमी के दरवाजे कदम पर भौंकने गया था इस कहानी को पढ़ने के लिए ले जाता है से भी कम समय में , और बूढ़ी औरत की एक टोकरी के साथ उसके घर के रास्ते पर था उसके हाथ पर सेब .                 "यदि आप लंबे समय पर्याप्त है और काफी मेहनत की कोशिश करते हैं, तो आप हमेशा खाने के लिए एक सेब गुलगुला हो सकता है , " बूढ़ी औरत ने कहा , और वह बहुत पिछले टुकड़ा करने गुलगुला खा लिया . और वह कैसे भी , बहुत मज़ा आया !

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संस्कृत कहानियां हिंदी में अनुवादित

Last Update: 2014-07-22
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English

दिन हुआ है तो रात भी होगी, हो मत उदास कभी तो बात भी होगी, इतने प्यार से दोस्ती की है खुदा की कसम जिंदगी रही तो मुलाकात भी होगी. कोशिश कीजिए हमें याद करने की लम्हे तो अपने आप ही मिल जायेंगे तमन्ना कीजिए हमें मिलने की बहाने तो अपने आप ही मिल जायेंगे . महक दोस्ती की इश्क से कम नहीं होती इश्क से ज़िन्दगी ख़तम नहीं होती अगर साथ हो ज़िन्दगी में अच्छे दोस्त का तो ज़िन्दगी जन्नत से कम नहीं होती सितारों के बीच से चुराया है आपको दिल से अपना दोस्त बनाया है आपको इस दिल का ख्याल रखना क्योंकि इस दिल के कोने में बसाया है आपको . अपनी ज़िन्दगी में मुझे शरिख समझना कोई गम आये तो करीब समझना दे देंगे

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दिन हुआ है तो रात भी होगी, हो मत उदास कभी तो बात भी होगी, इतने प्यार से दोस्ती की है खुदा की कसम जिंदगी रही तो मुलाकात भी होगी. कोशिश कीजिए हमें याद करने की लम्हे तो अपने आप ही मिल जायेंगे तमन्ना कीजिए हमें मिलने की बहाने तो अपने आप ही मिल जायेंगे . महक दोस्ती की इश्क से कम नहीं होती इश्क से ज़िन्दगी ख़तम नहीं होती अगर साथ हो ज़िन्दगी में अच्छे दोस्त का तो ज़िन्दगी जन्नत से कम नहीं होती सितारों के बीच से चुराया है आपको दिल से अपना दोस्त बनाया है आपको इस दिल का ख्याल रखना क्योंकि इस दिल के कोने में बसाया है आपको . अपनी ज़िन्दगी में मुझे शरिख समझना कोई गम आये तो करीब समझना दे देंगे मुस्कराहट आंसुओं के बदले मगर हजारों दोस्तो में अज़ीज़ समझना .. हर दुआ काबुल नहीं होती , हर आरजू पूरी नहीं होती , जिन्हें आप जैसे दोस्त का साथ मिले , उनके लिए धड़कने भी जरुरी नहीं हो

Last Update: 2010-12-14
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