Ask Google

Results for tulsidas dohe translation from Hindi to English

Human contributions

From professional translators, enterprises, web pages and freely available translation repositories.

Add a translation

Hindi

English

Info

Hindi

dohe on samay ka mahatav

English

S time value of couplets

Last Update: 2016-06-08
Usage Frequency: 2
Quality:

Reference: Anonymous

Hindi

Kya aapane tulsidas ki rachna kavitavali padh li Hai translate into English

English

Kya aapane tulsidas ki rachna kavitavali padh li Hai translate into English

Last Update: 2020-09-16
Usage Frequency: 1
Quality:

Reference: Anonymous

Hindi

dohe ko english me kya kahete h

English

Engaged in what is called the English

Last Update: 2018-01-29
Usage Frequency: 2
Quality:

Reference: Anonymous

Hindi

dohe ko english mein kya kahate hai

English

do you know what is in english

Last Update: 2018-01-19
Usage Frequency: 2
Quality:

Reference: Anonymous

Hindi

आज के समय में प्रदूषण बहुत अधिक हो गया है कि जिस का मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या है। प्रदूषण व गंदगी के चलते स्वच्छता अभियान पर चर्चा करना व अपने देश की जनता को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। सफाई अभियान की शुरूआत सर्वप्रथम डेरा सच्चा सौदा के संत डॉ. संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सा द्वारा, हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप के तहत दिनांक 21 सिंतबर वर्ष 2011 में दिल्ली के राजघाट से की गई थी उसके बाद हमारे देश के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिनांक 2 अक्तूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली स्थित किसी बाल्मीकि मंदिर से की गई थी। इस महाभियान को यदि हम एक महा यज्ञ की संज्ञा दे तो कुछ गलत नहीं होगा क्योंकि इस यज्ञ में देश के प्रत्येक नागरिक का शामिल होना नितांत आवश्यक है। हमारे अन्त:हृदय में यदि देश सेवा करने का जरा भी जज्बा है तो हम देश के अन्त:हृदय में रह कर, स्वच्छ अभियान रूपी महायज्ञ में अपनी आहुति, अपने इर्द गिर्द सफाई कर, अन्य लोगों को जागरूक करते हुए दे सकते है। यदि हम और आप इस महायज्ञ में शामिल नहीं होते तो, ये महायज्ञ अधूरा रह जायेगा। और आने वाले पीढिय़ों को जब हम जो स्वच्छ भारत देना चाहते है वो सपना भी सपना बन कर रह जायेगा। आवश्यक नहीं की देश की सेवा अंतिम छौरो पर गोलियां चलाकर ही की जाये आप देश के अन्त:हृदय में रहते हुए आस पास सफाई करना, मल-मूत्र का उत्सर्जन उचित स्थान पर करना, गुटका थूकते वक्त उचित स्थान का चयन करना तथा अन्य व्यक्तियों को साफ सफाई के लिए प्रेरित करना, और एकत्रित कूड़े-कचरे के उचित स्थान पर पहुंचाना ताकि उस समुचित कूड़े कचरे से किसानो के लिए सस्ते दामों पर जैविक खाद, गैस बनाने के लिए कूड़े का सही उपयोग हो सके , जिससे हमारे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होने में भी काफी सहायता मिल सकती है। यदि अमुख कार्य हम मननशीलता, लगनशीलता के साथ करते है तो उपर्युक्त सेवा रूपी आहुति इस महायज्ञ के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के लिए सार्थकता सिद्ध हो सकती है श्री मद्भागवत गीत के अध्याय पंचम, श्लोक 20 में लिखा है कर्मणैव हि संसिद्धिमास्थिता जनकादय: लोकसंग्रहमेवापि सम्पश्यन्कर्तुमर्हसि जनक जैसे राजाओं ने केवल नियत कर्मो को करने से ही सिद्धि प्राप्त की। अत: सामान्य जनो को शिक्षित करने की दृष्टि से तुम्हें कर्म करना चाहिए। जैसे वातावरण मेंं हम रहेंगे वैसे ही विचार आना स्वाभाविक है यदि हम स्वच्छ वातावरण में रहेंगे तो स्वच्छ विचार आयेंगे यदि हम मलीनता में रहेंगे तो मलीन विचार आना स्वाभाविकहै। मलीनता के चलते हमे तरह -तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है जिसके चलते समय का व्यय, धन व्यय, असहनीय पीड़ा, शारीरिक स्वास्थ्य का गिरना, कुटुम्ब व्यक्तियों का परेशान होना आदि अनेक समस्याएं हमारे समक्ष खड़ी होती हैं जिसका मुख्य कारण सफाई न होना ही है। किसी महापुरूष ने लिखा है: मन की सफाई जरूरी है। तन की सफाई जरूरी है।। घर की सफाई से पहले। गलियों की सफाई जरूरी है।। कहने का तात्पर्य है कि हमें चाहिए कि जैसे हम अपनी सफाई करते है ऐसे ही घर से पहले अपने आस पास व गली मौहल्लो की सफाई करें। यदि ऐसा हुआ तो वो दिन दूर नहीं होगा जब हम अपनी आने वाली पीढिय़ों को एक धरोहर के रूप में शुद्ध वातावरण व स्वच्छ भारत दे जायेंगे। मैने अंगे्रजो को बहार फैंका था तुम कूड़ा तो फैंक कर दिखलाओं हमने स्वत्रंत भारत दिया था तुम स्वच्छ भारत तो दे जाओं राष्ट्र पिता महात्मा गांधी हमारे अनुमान से मौजूदा सरकार को चाहिए कि व पोलियो अभियान की मानिंद प्रत्येक नागरिक को जागरूक करने का अभियान चलाये व निम्र स्तर से उच्च स्तर तक स्वच्छ भारत अभियान के तहत पारितोषिक कार्यक्रम चलाये जाये जैसे:- गली से मौहल्ला, मौहल्ले से गांव, गांव से कस्बा और शहर जिससे गली-गली, गांव-गांव, शहर-शहर , प्रतिस्पर्धा की होड़ चले और इस महायज्ञ को पूर्ण करने के साथ-साथ इस यज्ञ की अग्रि को भविष्य में भी प्रज्ज्वलित रखा जा सके। अत: हम देश के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते देश के प्रत्येक नागरिक से आह्वान करना चाहेंगे कि आप बढ़-चढ़ कर इस महायज्ञ में अपने श्रम की पूर्ण आहुति दें व अपने परिचीत व्यक्तियों को इस स्वच्छ अभियान के लिए प्रेरित करें। आप की बिना सहभागिता के ये अभियान अधूरा है ताकि जिन्होंने हमें स्वत्रंत भारत दिया हम उन्हें स्वच्छ भारत दे सके ये हम सभी की तरफ से अपने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजली अर्पित होगी। लेखक की रचना की पंक्तियां निम्र वत है। पाबंद समय के हम, अलास्य भी सदा भस्म हो।। परवान हो अच्छाई सदा, बुराई भी तो खत्म हो। नीति हो सर्व हितकारी, राजनीति भी बंद हो।। सफाई के उपक्रम हो सदा, गंदगी भी तो खत्म हो कवि परिचय अंकेश धीमान, पुत्र: श्री जयभगवान बुढ़ाना, मुजफ्फरगनर उत्तर प्रदेश Email Id-licankdhiman@yahoo.com licankdhiman@rediffmail.com Facebook A/c-Ankesh Dhiman अंकेश धीमान की अन्य रचनाएँ भी पढ़ें : सफलता की दो सीढ़ियाँ ~ आलोचना और निंदा ! मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना !! समाचार पत्र ~ समाज का दर्पण या अभिशाप ! News Papers~ Boon Or Bane! अंजाम गुलिस्ताँ क्या होगा जहाँ डाल-डाल पर ऊल्लू है ! CATEGORIES:Guest Posts 104Social Articles 34Swachha Bharat Abhiyan 1 RECOMMENDED FOR YOU डूबते को वीकेंड का सहारा ~ अमित शर्मा मोबाइल की माया, बना इंसानी हमसाया ~ अमित शर्मा लिबरल्स की दुखती रग पर देशभक्ति के पग ~ अमित शर्मा बेटी ~ अंकेश धीमान नई पोस्ट पुरानी पोस्ट मुखपृष्ठ COMMENTS BLOGGER: 2 gyanipandit10/02/2016 11:35 pm अगर हम अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ और सुंदर रखेंगे तो हमारे विचार भी वैसे ही अच्छे और सुंदर आयेंगे. जवाब दें Unknown9/13/2017 11:47 pm Mai Indian hu ye ham garv s Kathy h ham logo ko na dekhkar balki khud khady hokar gandagi dur kary aur apny India ko gandgi mukt banaye जवाब दें आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! अपनी प्रतिक्रियाएँ हमें बेझिझक दें !! हिंदी और अंग्रेजी में यहाँ सर्च करें सदाबहार सम्पूर्ण चाणक्य नीति [ हिंदी में ] | Complete Chanakya Neeti In Hindi चाणक्य नीति [ हिंदी में ]: प्रथम अध्याय | Chanakya Neeti [In Hindi]: First Chapter चाणक्य नीति [ हिंदी में ] : द्वितीय अध्याय | Chanakya Neeti [In Hindi]: Second Chapter सफलता की कुंजी | Hindi Quotes About Success भारत का संविधान हिंदी और अंग्रेजी में डाउनलोड करें मुफ्त!!|Download Constitution Of India FREE In Hindi & English !! Shrimad Bhagwat Geeta In Hindi ~ सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता Great Quotations By Swami Vivekananda In Hindi ~ स्वामी विवेकानन्द के अनमोल विचार Complete Panchatantra Stories In Hindi ~ पंचतंत्र की सम्पूर्ण कहानियाँ! Best Shiv Khera Quotes In Hindi ~ शिव खेड़ा के अनमोल विचार | चाणक्य नीति [ हिंदी में ] : सत्रहवां अध्याय | Chanakya Neeti [In Hindi]:Seventeenth Chapter सर्वश्रेष्ठ श्रेणियाँ! अलिफ लैला (64) कहावतें तथा लोकोक्तियाँ (11) पंचतंत्र (66) महाभारत की कथाएँ (60) मुंशी प्रेमचंद्र (32) रबीन्द्रनाथ टैगोर (22) रामधारी सिंह दिनकर (17) लियो टोल्स्टोय (13) श्रीमद्‍भगवद्‍गीता (19) सिंहासन बत्तीसी (33) Alif Laila (64) Baital Pachchisi (27) Bhartrihari Neeti Shatak (48) Chanakya Neeti (56) Downloads (19) Great Lives (50) Great Quotations (183) Great Speeches (11) Great Stories (611) Guest Posts (104) Hindi Poems (136) Hindi Shayari (17) Kabeer Ke Dohe (13) Mahabharata Stories (66) OSHO (16) Panchatantra (66) Rahim Ke Done (3) Sanskrit Shlok (91) Self Development (27) Self-Help Hindi Articles (48) Shrimad Bhagwat Geeta (19) Singhasan Battisi (33) Social Articles (34) Subhashitani (37) यूट्यूब पर जुड़ें! Footer Logo © 2020 हिंदी साहित्य मार्गदर्शन All rights reserved. DownloadsAll The ArticlesWrite For UsContact UsPrivacy PolicyTerms Of Use नए पोस्ट अपने इनबॉक्स में पाएँ! Email address... 156 SHआज के समय में प्रदूषण बहुत अधिक हो गया है कि जिस का मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या है। प्रदूषण व गंदगी के चलते स्वच्छता अभियान पर चर्चा करना व अपने देश की जनता को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। सफाई अभियान की शुरूआत सर्वप्रथम डेरा सच्चा सौदा के संत डॉ. संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सा द्वारा, हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप के तहत दिनांक 21 सिंतबर वर्ष 2011 में दिल्ली के राजघाट से की गई थी उसके बाद हमारे देश के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिनांक 2 अक्तूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली स्थित किसी बाल्मीकि मंदिर से की गई थी। इस महाभियान को यदि हम एक महा यज्ञ की संज्ञा दे तो कुछ गलत नहीं होगा क्योंकि इस यज्ञ में देश के प्रत्येक नागरिक का शामिल होना नितांत आवश्यक है। हमारे अन्त:हृदय में यदि देश सेवा करने का जरा भी जज्बा है तो हम देश के अन्त:हृदय में रह कर, स्वच्छ अभियान रूपी महायज्ञ में अपनी आहुति, अपने इर्द गिर्द सफाई कर, अन्य लोगों को जागरूक करते हुए दे सकते है। यदि हम और आप इस महायज्ञ में शामिल नहीं होते तो, ये महायज्ञ अधूरा रह जायेगा। और आने वाले पीढिय़ों को जब हम जो स्वच्छ भारत देना चाहते है वो सपना भी सपना बन कर रह जायेगा। आवश्यक नहीं की देश की सेवा अंतिम छौरो पर गोलियां चलाकर ही की जाये आप देश के अन्त:हृदय में रहते हुए आस पास सफाई करना, मल-मूत्र का उत्सर्जन उचित स्थान पर करना, गुटका थूकते वक्त उचित स्थान का चयन करना तथा अन्य व्यक्तियों को साफ सफाई के लिए प्रेरित करना, और एकत्रित कूड़े-कचरे के उचित स्थान पर पहुंचाना ताकि उस समुचित कूड़े कचरे से किसानो के लिए सस्ते दामों पर जैविक खाद, गैस बनाने के लिए कूड़े का सही उपयोग हो सक

English

Last Update: 2020-06-23
Usage Frequency: 1
Quality:

Reference: Anonymous
Warning: Contains invisible HTML formatting

Some human translations with low relevance have been hidden.
Show low-relevance results.

Get a better translation with
4,401,923,520 human contributions

Users are now asking for help:



We use cookies to enhance your experience. By continuing to visit this site you agree to our use of cookies. Learn more. OK