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bed boy
बेड बॉय
Letzte Aktualisierung: 2021-08-21
Nutzungshäufigkeit: 1
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bed mattress
bed gadde
Letzte Aktualisierung: 2016-06-05
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bed pe leti hu
bed pe leti hu
Letzte Aktualisierung: 2023-08-04
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can you bed girl
आप मेरे बिस्तर लड़की हो सकता है
Letzte Aktualisierung: 2022-06-24
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here's his bed.
ये रहा उसका बिस्तर.
Letzte Aktualisierung: 2017-10-12
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bed k upr chadho
Letzte Aktualisierung: 2021-01-15
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bed se niche utaro
Letzte Aktualisierung: 2023-06-21
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today's practice session bed
today's practice session bed
Letzte Aktualisierung: 2023-09-20
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sleep tight don't let the bed bugs bite
बिस्तर कीड़े काटने मत देना
Letzte Aktualisierung: 2021-04-19
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sleep tight and don't let the bed bugs bite
बिस्तर कीड़े काटने मत देना
Letzte Aktualisierung: 2020-08-07
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nighty night. sleep tight. and don't let the bed bugs bite.
खटमल को काटने न दें
Letzte Aktualisierung: 2024-05-13
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curiously , bed bugs , though such close and annoying companions of man , seem to be harmless so far as transmitting any disease is concerned !
यह आश्चर्य की बात है कि मानव के साथ घनिष्ठ रूप स रहने और उसे परेशान करने वाला खटमल जहां तक रोग प्रसार का संबंध है , हानिरहित प्रतीत होते हैं ।
Letzte Aktualisierung: 2020-05-24
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so let us remember [all of this] and wash it off sometimes it may happen that we try to save the mosquito by pushing it aside but the mosquito is sitting there with its stomach so full that simply by moving, the poor thing dies bed bugs may get killed at night unknowingly
यानी सब याद करके हम प्रतिक्रमण करेंगे और कई बार तो हम मच्छर को बचाने के लिए उसे उड़ाने की सोचते हैं लेकिन वह पेट भरकर बैठा होता है इसलिए हिलाने से ही बेचारा मर जाता है अनजाने में रात को खटमल मार देते हैं और हमें तो बाद में पता चलता है कि मर गया यानी ऐसे सब दुःख, जहाँ दोष हिंसा हो गई हो उसे अच्छी तरह से याद करके एक बार पश्चाताप कर लें क्योंकि दो इन्द्रिय से लेकर सभी त्रसकाय जीव कहलाते हैं और उसे दुःख लगता है न तो चींटी थोड़ा सा डंक मार दे तो शरीर दुःखने लगता है लेकिन वह डंक मारना नहीं छोड़ती खुद मर जाएगी लेकिन छोड़ती नहीं है ये सब बैर पूरा करते हैं, ऐसे होते हैं भले ही समझदारी से नहीं करते बुद्धिपूर्वक नहीं करते लेकिन दुःख अगर मच्छर हम पर बैठे और हम द्वेषपूर्वक उसे मारें तो हमारे अंदर द्वेष के परमाणु आ जाएँगे और ये द्वेष के परमाणु हमें बहुत काटेंगे जब तक मच्छर पर द्वेष है तब तक वह हमें काटता ही रहेगा जब उस पर राग-द्वेष खत्म हो जाएगा तब वह हमें परेशान नहीं करेगा सूक्ष्म भावों के ऐसे सब हिसाब होते हैं अपनी तरफ से सूक्ष्म भाव बंद करना चाहते हैं कि मन-वचन-काया से किसी भी जीव की हिंसा न हो दिल से ऐसा भाव स्ट्रोंग करना चाहते हैं और अपना यह जीवन तो खाने-पीने से लेकर ये चूल्हा, मशीन, पेट्रोल सभी प्रकार से जीवों की हिंसावाला ही जीवन है लाइट-वाइट हर प्रकार से एकेन्द्रियवाले हिस्से को अभी हम नहीं लेंगे एकेन्द्रिय दो इन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय तक के जीवों को दुःख दिया हो उनकी हिंसा की हो उतने हिस्से का ही आज हम सामायिक करेंगे पंचेन्द्रिय यानी चूहे, कुत्ते सब पंचेन्द्रिय कहलाते हैं गाय-भैंस सब अगर भैंस घर में आ जाए तो ऐसा नहीं कह सकते कि बहन तू बाहर चली जा मुझे समभाव से निकाल करना है लकड़ी लेकर मारना पड़ेगा भले ही पैर पर न मारें लेकिन जमीन पर ज़रा लकड़ी से मारेंगे न तो लकड़ी दिखाने से जहाँ से अंदर आई थी वहाँ से बाहर चली जाएगी हमने ड्रामेटिक हिंसक भाव दिखाया लेकिन अगर कभी ड्रामेटिक के बजाय सही में मार दें तो प्रतिक्रमण करना पड़ेगा किसी भी जीव को दुःख देने का हमें अधिकार नहीं है और ये सारे जीव ये जो रोग होते हैं न, शरीर में कीड़े पड़ते हैं न जैन शास्त्रों में ऐसी बात कही है कि इस तरह ये जीव बैर पूरा करते हैं अगर हम मछलियों को मार दें तो फिर ऐसा रोग होगा कि रोग के कीड़े शरीर में पड़ेंगे और दुःख देने के लिए वे जीव ही आते हैं बैर पूरा करके जाते हैं यानी यह जगत् बैरवाला तो है ही किस तरह ये तो शास्त्रों में उल्लेख किया गया है कि ऐसे जीव बैर पूरा करते हैं ऐसा भी होता है कि अगर हम नॉनवेज खाएँगे तो अगले जन्म में फिर जानवर गति में जाना पड़ेगा और वे हमें मारकर खाएँगे ऐसे भी कुदरती हिसाब बंध जाते हैं हमें तो सभी के लिए जीवन में जो कुछ हो गया उन सभी के लिए प्रतिक्रमण, प्रत्याख्यान करना है ताकि भविष्य में हम उस गुनाह में नहीं फँसे हिंसा के गुनाह और जिसे हिंसकभाव कहा जाता है ऐसा कुछ यहाँ एक प्रश्न भी आया है कि आतंकवादी ऐसा करते हैं इसलिए उन पर द्वेष हो जाता है साले को मार डालना चाहिए ऐसा सब नहीं... जितना भी हमारा अहंकार है कि हम इन्डियन और आप लोग ऐसे यह अहंकार ही हिंसकभाव है और हिंसकभाव से हिंसा हुए बगैर नहीं रहेगी अगर आत्मभाव में हो तो कोई हिंसा नहीं कर सकेगा और अगर अहंकार भाव में हो तो हिंसा के निमित्त यानी किसी भी हिंसक चीज़ के आधार पर हिंसा हो सकती है हमारी हिंसा कर देते हैं कोई शिकारी शिकार बना लेता है यह कुदरती नियम है इसीलिए किसी भी प्रकार का अहंकार नहीं होना चाहिए यह तो बाद (आगे) की बात है अभी तो हम यह प्रतिक्रमण भाव इसलिए करना चाहते हैं कि कहते हैं न कि पति और प्रेमिका ने पत्नी को मार डाला तो इन लोगों को शूटकर देना चाहिए ऐसे हिंसकभाव हमें नहीं करने हैं कुदरत को सौंप दो कुदरत न्याय करती ही है और पूर्व के जैसे पुलिसवाला जेल में किसी को मार रहा हो उससे काम करवा रहा हो, तो वह चोरी के दंड के रूप में होता है इस जन्म में कुदरत का जो देख रहे हैं सूक्ष्म गुनाहों के स्थूल दंड होते हैं हमें दखल नहीं करनी चाहिए अगर हमें अच्छा न लग रहा हो तो ज़्यादा से ज़्यादा प्रार्थना करो लेकिन द्वेषभाव और हिंसकभाव नहीं करने चाहिए तो हमसे अगर ऐसे सभी भाव हो गए हों मनुष्य के प्रति हिंसकभाव हो गए हों मार डालना या मर जाने तक का और अन्य पंचेन्द्रिय जीव चूहे और गिलहरियाँ ऐसे सभी को मार डाला हो चार इन्द्रिय जीवों, जैसे तितलियों को मार डाला हो तीन इन्द्रिय जीव, खटमल, तिलचट्टे ये सब तीन इन्द्रिय जीव कहलाते हैं छिपकली पंचेन्द्रिय कही जाती है केंचुए दो इन्द्रिय जाने-अनजाने इन जीवों की हिंसा हो गई हो आज खास तौर पर इन सभी के प्रतिक्रमण करेंगे हिंसा, स्थूल हिंसा, द्रव्य हिंसा के हम विधि कर लेते हैं बोलो सामायिक विधि - हे दादा भगवान हे श्री सीमंधर स्वामी प्रभु मुझे शुद्ध उपयोगपूर्वक इस जीवन में दो इन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय जीव, जाने-अनजाने अथवा मनुष्य के प्रति जो भी हिंसकभाव हो गए हों या हिंसा कर दी हो ऐसे सभी दोषों को हर एक जीव को याद करके उसके आत्मा के प्रति हृदयपूर्वक पश्चाताप करके
Letzte Aktualisierung: 2019-07-06
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