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pigs or puppies ke jhund ko kya kahte hai

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what do the pigs or puppies do?

Laatste Update: 2018-05-20
Gebruiksfrequentie: 2
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Referentie: Anoniem

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'तो रात के खाने मैं तुम सिर्फ रतालू खाओगे? ये तो बड़ी अजीब सी बात है!' ठीक है! लेकिन किसी और की पसलियाँ तुम खा रहे हो वो अजीब नहीं है? क्या ये आपको दोबारा सोचने के लिए मजबूर नहीं करता? कटी हुई टांगें, छाती और टुकड़ों मैं काटी हुई जांघें? आपकी थाली मैं रखी हुई आपको परेशान नहीं करतीं? ऐसा क्यों होता है? आपकी आँखों पर अच्छी खासी पट्टी बंधी हुई है! मैं शर्तिया कह सकता हूँ की मैंने बोलना शुरू किया तो आप चिंतित हो गए थे! और मैंने आप से कहा था की आपकी आँखों पर पट्टी बंधी हुई है. सच मानिए मैं यहाँ आपसे दुश्मनी करने नहीं आया हूँ. लेकिन मैं आपको याद दिलाने आया हूँ. आज से पहले आपके पास ये बहाना हो सकता था की आप अनजान हैं. ये मैं मानता हूँ. मैं भी एक ज़माने मैं अनजान था. लेकिन मुझे उत्सुकता है .... अब आपके पास क्या बहाना है? अब तो आपके पास विकल्प है. इस कमरे से बाहर निकलने पर आप सम्पूर्ण रूप से दयालु बन सकते हैं .... और ये निश्चय कर सकते हैं की प्रातः, दोपहर और रात के खाने में किसी जानवर को कभी कष्ट नहीं पहुंचाएंगे. इन पशुओं ने आपको कभी किसी तरह का कोई नुक्सान नहीं पहुंचाया है, तो आप भी इनके लिए इतना तो कर ही सकते हैं!. या फिर आप संपूर्ण रूप से क्रूर बने रह सकते हैं - जो जैसा है उसे वैसा ही रहने दो, जानवरों को स्वतंत्रता बिलकुल मत दो, उन्हें दया की एक बूँद भी नसीब मत होने दो, उनके बच्चों को उनसे छीन लो! उनकी चोंचें काट दो, सींग उखाड़ दो और उनके अंडकोष फोड़ दो. निश्चित कर दो की हर क्षण, अनंत काल तक उनकी गर्दन पर चाक़ू रक्खा हो.. मैं उम्मीद करता हूँ की आप सही रास्ता चुनेंगे. अब मैं भाषण बंद करता हूँ ताकि आप मुझसे प्रश्न पूछ सकें. मुझे दुग्ध उद्योग के विषय मैं कुछ कहने के लिए छह मिनट दे दें क्योंकि ये बात गायों के बारे में है. हमने दूध मैं पीब के बारे मैं बात की थी जो सुनने मैं अजीबोगरीब है. हमने दूध पदार्थों को खाने से होने वाली हानि की बात की थी, पर हमें इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए की गायों पर क्या बीत रही है. याद रखिये की वीगनवाद सिर्फ आपकी सेहत के बारे मैं नहीं है, ऐसा करना बहुत स्वार्थी होगा .. मैं लोगों को निस्सवार्थ होने की सलाह दे रहा हूँ. परोपकारी बनने और किसी और का भला करने के लिए कह रहा हूँ. और जब आप ऐसा करते हैं तो इसके बदले मैं कुछ पाने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए. अगर क्रूरता की बात करें तो दूध के ग्लास मैं गोमांस से अधिक क्रूरता है. मैं आपको इसका प्रमाण दिखता हूँ. ये प्रमाण मैं ग्यारहवीं बार किसी क्लास को दिखा रहा हूँ. ये घटना कुछ महीने पहले ओहायो के फार्म मैं घटी थी. चेतावनी: परेशान करने वाली सामग्री. दर्शक अपने विवेक का प्रयोग करें. ये घटना कुछ महीने पहले ओहायो के फार्म मैं घटी थी. डेयरी फार्म मैं क्रूरता! गरी कांक्लिन, फार्म के मालिक ये क्या आपने किसी की पूँछ तोड़ दी? अरे हाँ हाँ! और देखो क्या क्या होता है! मैं तो ऐसा ही करता हूँ, 'मुझे बहुत मज़ा आता है, जी करता है की उसकी पिटाई ही करता रहूँ!' हमने इस गाय को खूब पीटा और फिर उसके छुरा घोंप दिया! तीन जगह से उसकी पूँछ तोड़ दी, चूतर मैं छुरा मारते रहे और पीटते रहे! अगले दिन गरी ने कहा, इसे कसाईखाने भेज देते हैं क्योंकि इसके स्तन सूज रहे हैं उसे सरकाना मुश्किल हो गया मैंने उसे नशा करवाया और इतना पीटा की उसका सर इतना सूज गया उसने मुझे गुस्सा दिलाया था, मैंने तो उसे मौका दिया अपना सर घुमा अपना सर घुमा कमबख्त!! चल चल, अपने चुतर उस तरफ मोड़ मैं इस गाय से तंग आ गया हूँ बस बहुत हो चूका! मेरा ब्लड प्रेशर ऊपर चला गया है अगर मुझे लगता है की गायों को दर्द नहीं हो रहा तो मैं उन्हें और पीटता हूँ जब तक की वे कराहने न लगें तब मुझे तसल्ली होती है क्रूरता छोड़ दीजिये, डेयरी उद्योग को छोड़ दीजिये. ऐसा सिर्फ एक ही जगह पर नहीं होता! एक क्षण के लिए भी मत सोचिये की ये घटना यहीं पर घटी है! गुलामों के साथ ऐसा ही व्यव्हार होता है! आप ऐसा तो नहीं समझते की गुलामों के साथ अच्छा व्यवहार होता है? क्या आपको लगता है की गोरों ने जब काले लोगों को गुलामी के लिए इस्तेमाल किया था तो उनके साथ अच्छा व्यवहार किया था? क्या आप ये मानते हैं की नाजियों ने जब यहूदियों को गैस चेंबर मैं भेजा था तो उनके साथ दयापूर्ण तरीके से पेश आये थे? क्रूरता इसलिए होती है क्योंकि आप लोग इन चीज़ों को खरीदते हैं. हाँ इन चीज़ों को बेचने वाला गलत है, लेकिन वो इसलिए बेचता है क्योंकि आप उसके शरीर से निकले हुए पदार्थ को खाना चाहते हैं यह काफी है!! आप लोग आदिमानव नहीं हैं! आदिमानव की तरह व्यवहार करना बंद करिए.. ये २०१० है! बंद करिए.. ये मज़ाक का विषय नहीं है! जानवरों के साथ अन्याय हो रहा है. आपको उनके साथ अन्याय करने का हक़ या स्वतंत्रता नहीं है! स्वतंत्रता एक तरफ़ा अधिकार नहीं है की आपको मिले और सामने वाले को नहीं. ये बलात्कार जैसा अतिक्रमण है और यदि आपको लगता है की वीगन लोग कभी कभी नाराज़ क्यों हो जाते हैं जैसे मैं हो रहा हूँ.. तो आपने अभी अभी देखा है की ऐसा क्यों होता है ... जब भी हम किसी फार्म पर जाते हैं किसी जानवर के साथ मारपीट, छुरा भोंकना या लात मारने जैसे हरकतें देखने को मिलती हैं. एक और बात है जो मैं समझ नहीं पा रहा .. जब लोग जानवरों के पिटाई या लात मरने के विडियो देखते हैं तो परेशान हो जाते हैं, ये छवियाँ उन्हें परेशान करती हैं पर जानवरों के मौत पर वे परेशान नहीं होते? तो ऐसा फार्म जहाँ जानवरों की निर्दय रूप से पिटाई नहीं होती, उन्हें गोली मारी जाती है या उनका गला काटा जाता है तो वो क्रूरता नहीं है क्या? क्या आप जानते हैं की नब्बे प्रतिशःत अमेरिकेन हम्बुर्गेर डेयरी उद्योग से आता है? तीन से सात वर्ष के बाद गाय अधिक मात्रा में दूध नहीं देती तो उसे सीधे कसाईखाने भेज दिया जाता है, कोई गाय इससे नहीं बचती. यदि गाय को पूरा जीवन जीने दिया जाए तो वो अठारह से पच्चीस वर्ष तक जीती है. गाय भी अन्य स्तनपायी स्त्रियों की तरह होती है. मैं जानवरों के बारे मैं बात करते समय आपको नीचा दिखाने की कोशिश नहीं कर रहा हूँ. मैं तो ये कह रहा हूँ की लोग इस बात से सहमत नहीं हैं की जानवर भी हमारी तरह भावनाओं को महसूस करते हैं, जैसे हम और आप महसूस करते हैं. किसी भी स्तनपायी मादा को दूध देने के लिए गर्भवती होना पड़ता है. हर साल डेयरी फार्म पर हरेक गाय का बलात्कार होता है! एक लम्बा सा स्टील को डंडा गाय के जननांगों मैं घुसाया जाता है सांड के वीर्य समेत, कभी कभी नंगे हाथों से ऐसा किया जाता है. इससे दूध बहने के लिये बाध्य होता है. और जब गाय माँ बनती है तो उसके बच्चे को चुरा लेते हैं. और एक बात आपको बताता हूँ, सबसे दर्दनाक चीख जो मैंने सुनी हैं और यकीन मानिये मैंने कई ऐसी चीखें सुनी हैं जब मुझे इन चीज़ों का ज्ञान होना शुरू हुआ, पंद्रह वर्ष पहले मैं भी औरों की तरह था मुझे विश्वास नहीं होता था की बात इतनी बिगड़ी हुई है, मैं सोचता था लोग बढ़ा चढ़ा कर बताते हैं. लेकिन जैसे और लोग बात को जान कर अनदेखा कर देते हैं या अनजान बनने की कोशिश करते हैं, मैंने तय किया की जा कर खुद पता करो की सच क्या है. मैंने thorn apple valley pigs slaughterhouse detroit (सूअरों का कसाईखाना ) मैं १९९३मैं छह हफ्ते बिताये मैंने पशू अनुसंधान प्रयोगशालाओं और फर फार्मों मैं जबरन प्रवेश किया. मैं मिचिगन मैं सर्कस और रोडीओ मैं चुप कर देखता था की क्या हो रहा है. सबसे दर्दनाक चीख जो मैंने सुनी ... वो डेयरी फार्म मैं एक बछड़े की माँ की थी, वो प्रतिदिन अपने बछड़े की याद में चीखती और चिल्लाती थी, की मेरा बच्चा मुझे लौटा दो ... मैं अनुमान लगा सकता हूँ की ऐसी ही चीख इस कमरे मैं मौजूद हर माँ के मूंह से निकलेगी, अगर कोई तुमसे जन्म देते ही तुम्हारे बच्चे को छीन ले तो. और वे लोग माँ से उसका बच्चा क्यों छीन लेते हैं? क्योंकि दूध का व्यवसाय करने वाले उस दूध को आपको बेचते हैं, उस माँ के बच्चे तो वो दूध नसीब नहीं होता, जब व्यापारी दूध आपको बेच सकता है तो बछड़े को क्यों पीने देगा? जब जब आप दूध का एक ग्लास पीते हैं बछड़ा तरसता है. और कोई भी माँ दूध का उत्पादन अपने बच्चे के पालन पोषण के लिए ही करती है अब जो प्रश्न-उत्तर का समय होगा, तो आप जो चाहें मुझसे पूछें. मैं कोई नेता नहीं हूँ, मुझसे आप कुछ भी पूछ सकते हैं. यदि आपने मेरे वो लेख पढ़े है जिनके कारण मुझे जेल जाना पड़ा था और कुछ देशों से मुझे निकाला गया था, तो उनके बारे मैं भी पूछें बस एक प्रश्न है जिसका उत्तर मैं नहीं दूंगा: आप मुझसे ये नहीं पूछ सकते की, " गाय दूध का उत्पादन क्यों करती है? " ये हमारे लिए अच्छा है तो गरी हमें अपने बच्चों को दूध पिलाना चाहिए, खुद भी पीना चाहिए प्रकृति ने इस प्रश्न का उत्तर दे दिया है: गाय सिर्फ अपने बच्चे के लिए दूध देती है! ये बात यहीं ख़त्म हुई, इस पर कोई बहस या विवाद की गुंजाईश नहीं है. गाय हाथी के बच्चे के लिए दूध नहीं देती.. न ही आरंगुटान और न ही खरगोश के बच्चे चूहे, इंसान के बच्चे के लिए भी गाय दूध नहीं देती हमारे शरीर को गाय के दूध की बिलकुल जरूरत नहीं है, जैसे इसे जिराफ के दूध की आवश्यकता नहीं है जैसे की हमें घोड़े, हाथी, ऊँट या हिरन के दूध की ज़रुरत नहीं है, कुत्ते और बिल्ली का दूध पीने की भी हमें ज़रुरत नहीं है. हमें बस अपनी माँ के दूध की ज़रुरत होती है जब हम पैदा होते हैं! माँ का दूध पीना बंद करने के बाद हमें दूध की कोई आवश्यकता नहीं होती. माँ का दूध छुटने के बाद दुनिया मैं किसी भी प्राणी को दूध की ज़रुरत नहीं पड़ती. आप अगर मेरी तरह कि�

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"wait, you just eat yams for dinner?! i don't know man, that's kinda weird..." okay

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