From professional translators, enterprises, web pages and freely available translation repositories.
32 - 39 mb
32-39 mb
Last Update: 2018-12-24
Usage Frequency: 2
Quality:
32 - 39 mb रैम
32-39 mb ram
Last Update: 2018-12-24
Usage Frequency: 2
Quality:
32 - 39 mb कुल रैम
32 - 39 mb gezamelijk geheugen
Last Update: 2018-12-24
Usage Frequency: 2
Quality:
.. तुम जाने के लिए तैयार कर रहे हैं जैसे नींद के 39 दिनों के बाद, लगता
na 39 dagen slaap heb je er vast wel zin in.
Last Update: 2017-10-13
Usage Frequency: 1
Quality:
0 से बॉरो नही कर सकता,तो मुझे पूरे 40 से बॉरो करना होगा. तो यह 40 हो जाएगा 39. मुझे लगता है की मेरे पास जगह कम होती जा रही है तो 10 6 से बड़ा है .
kan niet lenen van de nul, dus ik moet lenen uit deze hele veertig. dus deze veertig wordt een negenendertig. ik denk dat mijn ruimte opraakt.
Last Update: 2019-07-06
Usage Frequency: 1
Quality:
"हमे इसके लिए कुछ करना होगा!"। मंदी मे होना उसे अच्छा नही लगता, इसलिए वे सब कुछ चलाते और ढकेलते है। लेकिन उन्हे यह समझ मे नही आता कि बाद मे वे सब और खराब करने वाले है। जो कुछ वे कर रहे है वह वापिस आकर उन्हे और तंग करेगा। मुद्रास्फीति जैसे उह...या यह अपस्फीति जिसके बारेमे मैं बोल रहा हूँ वह क्रेडिट के संकुचन मे विस्तार है। यहाँ एक और चीज है, जो चल रही है इसका कुल अर्थ इतना है कि यह दशक अलग है उससे जो आपने अब तक जाना है। उह...लोगो को यह समझ मे नही आता कि हर 30-40 साल मे दुनिया के पास बिलकुल नई वित्त व्यवस्था आ जाती है। वह हर 30-40 साल मे बदल जाती है। 1873 मे जर्मनी ने, क्लासिकल सोना-मानक शुरू किया उह... 1990 तक विश्व के सभी विकसित देश एक ऐसे मानक पर थे जहा संचार मे आने वाली हर करेंसी नोट जो उनके कोषागार से आती थी वह बराबर मूल्य के सोने से समर्थित रहती थी, इसलिए यह सौ प्रतिशत समर्थन था, उह... फिर प्रथम विश्व युद्ध हुआ युरोप के सभी लड़ने वाले देश क्लासिकल सोने के मानक से हट गये और नोट छापना चालू कर दिया। और युद्ध के दौरान हमारे पास एक "सोना विनीमय मानक"था जो एक प्रकार का मिश्रण था ऋण और सोने से सर्मर्थित करेंसी का उह...यह मानव-निर्मीत एक खराब प्रणाली थी, ओर मानव निर्मीत कुछ भी ठहर नही सकता, मूलतः वहाँ फेडरल रिझर्व था, फेडरल रिझर्व कानुन के तहत 40 प्रतिशत रीझर्व-रेसीओ था और उनको यह अनुमति थी कि उह...प्रत्येक बीस डॉलर के सोने के मूल्य के सामने पचास डॉलर के बिल्स प्रसार मे रख सके। तो वह सोने की कीमत से ज्यादा के क्लेमचेक प्रसार मे रख रहे थे। जब से फेडरल रिझर्व अस्तित्व मे आया, हम एक झूठ मे जी रह रहे है और अगर लोग कहते है कि अमरीका मे खुले बाजार है, तो वह गलत है। आपके पास खुली मुद्रा के बिना खुले बाजार नहीं हो सकते। आपकी मुद्रा हर लेन-देन का पचास प्रतिशत है, सभी लेन-देन खुले बाजार है। अगर वहां लोगो का एक समूह है जो तय करे कि मुद्रा क्या हो और मुद्रा की कीमत कितनी होगी, ब्याज की दर, तो यह खुला बाजार नही है. हमारे पास खुले बाजार नही है, सन 1913 से नही है, फिर हमारे पास है उह... ब्रेटन वुडस प्रणाली, क्लासिक गोल्ड मानक खत्म हो गया, सन 1944 से ब्रेटन वुडस प्रणाली थी जहां उह... दुनिया की सभी उह... मुद्राएं प्रति औस 35 डॉलर्स के हिसाब से समर्थित थी। ओर विदेशी केंद्रीय बेंक्स इन डॉलर्स को न्युयॉर्क फेड के साथ सोने से बदल सकते है, प्रति औस 35 डॉलर्स के हिसाब से इसलिए दुनिया की सभी मुद्राए सोने से समर्थित थी लेकिन डॉलर के माध्यम से। उह... इसलिए सभी राष्ट्र डॉलर्स की पूछ-तांछ करते रहे और सोना वॉल्टस से बाहर आ गया और निक्सन ने हमे 1971 मे सोने के मापदंड से बाहर निकाला। तो आपके पास 30 से 40 साल, 30 साल़, 28 साल, 39 साल और आगे क्या? इस दशक मे जो g7 देशो की आपात बैठक होने वाली है जो g20 देशो मे से है, और वे नई वित्तीय प्रणाली को ईजाद करने वाले है और वे पहले से ही इस पर काम कर रहे है, वे यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि जब डॉलर टूटेगा तो वे क्या करेगे। उह... यह फर्क है, सत्तर के दशक की तेजी और आज इसलिए मै कहता हूँ कि आप असल मे तुलना नही कर सकते, और याद रखिए आठ साल मे सोना अपनी किमत मे 24 बार उपर गया और चांदी 36 बार, यह छोटे समय मे एक भारी जीत थी। उह...सत्तर के दशक मे मूलतः उतर अमेरिका और पश्चिम युरोप थे जिन्होने इन बहुमूल्य धातु की कीमत बढ़ाई, लंदन मेटल एक्सचेंज, और अमरीका के कोमोडिटी एक्सचेंज जहां पर सोने और चांदी की कीमत तय होती है। पूरा ussr हिस्सा नही ले सका, वहाँ कोई एक्सचेज नही था वहाँ सोने और चांदी का कोई बाजार नही था, और अगर आप कुछ खरीद सके तो वह सिर्फ काले बाजार मे से, तो आपका निवेश पूरे विश्व के मूल्य पर असर नही करता था वे लोग इस तेजी के बाजार मे निवेश करने और सोने की कीमत आगे बढाने से वंचित थे। माओ के शाशन मे चीन, वैसा ही कुछ, प्रथम तो सभी लोग मुश्किल से निर्वाह कर रहे थे बहुत कम लोगो के पास बिजली थी। सोना लेने की बात तो बिलकुल अलग ही थी भारत, मॅक्सीको, दक्षिण अमरीका उस समय काफी गरीब थे, दुनिया का सबसे अमीर आदमी कार्लोस स्लिम है, और वह मेकसीको शहर मे रहता है, उह...अब इन राष्ट्रो मे बहुत सारे निवेशक है और शांघाई मे तो निवेश एक खेल है, लोग कमरे मे इस तरह बैठेंगे, टिकर्स देखते जाएँगे और अपनी शर्त लगाते जाएंगे। उह...बाकी विश्व, अफ्रिका, मेरा मतलब बचा हुआ सारा ही विश्व पहले इस तेजी से वंचित था और फिर भी सोना 24 बार और चांदी 36 बार उपर गया। तो क्या... और उस समय तो, समाचार भी बहुत धीरे से पहुँचते थे, पुराना वेकयुम ट्यूब tv सेट चालू होने मे पूरे 60 सेकेंड्स लेता था और फिर वॉल्टर क्रोंकिट आता था और मुझे सोने के भाव मिल पाते थे या फिर आप अगले दिन समाचार पत्र खोलते थे और उह...आपको समाचार मिलने मे 24 घंटो का समय लगता था, फिर आप फोन उठाते थे और आपके दलाल को फोन करते थे ओर अगर आप भाग्यशाली हो तो आपका ऑर्डर उसी दिन एक्सचेंज फ्लोर पर पहुँच पाता था। लेकिन अधिकतर अगले दिन ही । तो समाचार और प्रतिक्रिया समय काफी धीमा था। उह...निवेशको के विचारो का बनना भी।
"we moeten er iets aan doen!" het voelt niet lekker om in een recessie te zitten en dus pompen ze alles op maar ze realiseren zich niet ze het alleen maar veel erger maken voor in de toekomst. alles wat ze doen zal hun blijven achtervolgen als meer inflatie uiteindelijk... of deze deflatie waar ik over sprak is een uitbreiding van krediet inkrimping.
Last Update: 2019-07-06
Usage Frequency: 1
Quality:
Warning: Contains invisible HTML formatting